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खस्ताहाल सड़क की वजह से मरीज के घर तक नहीं पहुंच सकी एंबुलेंस, इलाज में हुई देरी, लकवाग्रस्त बुजुर्ग महिला ने तोड़ा दम ।

# प्रदीप पटेल | 03 Aug, 2021

बलरामपुर/रामानुजगंज। खस्ताहाल सड़क के चलते मरीज के घर तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी थी। परिजनों ने किसी तरह खाट में ढोकर लगभग 1 किलोमीटर की दूरी तय कर एंबुलेंस तक पहुंचाया था। इसके बाद उसे वाड्रफनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला को मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर कर दिया था जहां महिला कि मृत्यु हो गई है ।

बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत वाड्रफनगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सरना बंगाली पारा के एक आदिवासी महिला पिछले दिनों तबीयत खराब (लकवाग्रस्त) होने के बाद उचित समय पर एंबुलेंस 108 घर तक नहीं पहुंच पाने से अस्पताल पहुंचने में काफी विलंब हो गया। विलंब हो जाने के कारण महिला संपतिया का कल निधन हो गया। परिवार जनों ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे उपर दुखों का पहाड़ टुट गया है, यह एंबुलेंस 108 घर तक नहीं पहुंचने का कारण है जिससे हमारे परिवार के प्रमुख सदस्य कि मृत्यु हो गई है ।  

डॉक्टरों ने भी बताया कि आप लोग काफी देर कर दिए इसलिए अब इसे बचा पाना काफी मुश्किल है, इसको अब बचा पाना संभव नहीं है। बताया गया कि शनिवार को जब एंबुलेंस 108 को फोन किया गया था तत्काल वह गांव में पहुंच तो गया था। लेकिन घर तक नहीं आ सका जिसे खाट के माध्यम से एंबुलेंस तक लाया गया, तब तक काफी देर हो चुका था। जिस कारण विशेष गरीब असहाय महिला की मौत हो गई ।   

मृतक बुजुर्ग महिला संपतिया के परिवार वालों का कहना है कि सही समय पर एंबुलेंस घर तक नहीं पहुंच सकी, खाट कि डोलची बनाकर किसी तरह 1 किलोमीटर दूर एंबुलेंस तक मरीज संपतिया को लेकर गए थे, अस्पताल पहुंचने में भी देर हो गई थी, अगर उचित समय पर अस्पताल पहुंच गई होती तो आज उनकी जान बच गई होती । ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत कोई भी समस्या पर ध्यान नहीं देती है, मृतक बुजुर्ग महिला के परिवार वालों ने इस घटना कि घोर निन्दा की है। अब देखने वाली बात होगी कि जनपद सीईओ सचिव को संरक्षण देकर मामले को रफा-दफा करते हैं, या उचित करवाई कर ग्राम वासियों के न्याय दिलाते हैं ।