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तालाब में मिली आजिबो-गरीब मछली, देखने इकट्ठा हुआ भीड़, अब बना चर्चा का विषय, जानें क्या है ​इसकी खासियत ।

# प्रदीप पटेल | 01 Aug, 2021

कुरूद। कुरुद क्षेत्र ग्राम सुपेला में एक अविश्वसनीय घटना देखने को मिली जहाँ तालाब में एक अजीबोगरीब मछली के मिलते वो चर्चा और जिज्ञासा का विषय बन गई है। बताया जा रहा है कि यह मछली सकरमाउथ कैटफिश प्रजाति की है, जो अमेरिका के अमेज़न नदी में पाई जाती है। आखिर यह मछली हजारों मील दूर अमेरिका से कुरुद क्षेत्र के ग्राम सुपेला में कैसे पहुंची यह लोगो के बीच चर्चा का विषय बन चूका है । फिलहाल इस विषय में जांच अब शुरू हो गई है रिपोर्ट्स के अनुसार ऐसी ही मछली प्रदेश के भोरमदेव तालाब और अभनपुर के तालाब में भी पाई गई थी। बताया जाता है कि यह मांसाहारी मछली इकोसिस्टम के लिए खतरा है ।

मिली जानकारी के अनुसार यह मछली अपनी खूबसूरती के कारण आर्नामेंटल मछलियों की श्रेणी में आती है, और शौकीन लोग इसे अपने एक्वेरियम में पालते हैं। वही इसके बड़े होने पर आसपास के जल स्रोतों में छोड़ देते हैं। कारण जो भी हो पर लोग इस बात से हैरान हैं की पूरे हिंदुस्तान और दक्षिण एशिया में नहीं पाई जाने वाली यह मछली अमेरिका से इतना लंबा सफर तय कर कुरुद क्षेत्र के ग्राम सुपेला के तालाब में कैसे पहुंची। अजीब से मुंह वाली यह मछली सकरमाउथ कैटफिश मांसाहारी होती है। अपने आसपास के जलीय जीव जंतुओं को खाकर ही जीवित रहती है। इसके रहते कोई मछली पनप नहीं सकती और तो और इसके स्वादहीन होने के कारण ये खाने योग्य भी नहीं होती है ।

बताया जा रहा की ग्राम सुपेला के  गौकरण साहू ने तालाब में मछली पकड़ने के लिए जाल डाला था। तब यह मछली जाल में फंस कर मिली थी। जैसे ही यह मछली मिली तो लोगों में ये जिज्ञासा का विषय बन गई। जब जाल में इस मछली को देखा गया तो लोगों में  भय का वातावरण बना गया उसके बाद धीरे से उस मछली को जाल से निकालकर वापस तालाब में डाल दिया गया है। ग्राम के विनायक साहू तथा अन्य लोगों ने अजीब मुंह और धारीदार लगभग 1 किलो वजनी मछली को पहली बार देखा था। जिसको  देखकर वहाँ के लोग हक्का बक्का रह गए, क्योंकी आज तक उन्होंने ऐसी मछली कभी नही देखी थी। उसके बाद ग्रामीणों ने इसे फिर से तालाब में डाल दिया ।