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विधानसभा छोड़कर बाहर निकले स्वास्थ्य मंत्री, कहा- मैं सदन में बैठने के योग्य नहीं ।

# प्रदीप पटेल | 27 Jul, 2021

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह मामले को लेकर हंगामा हुआ। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सदन छोड़कर बाहर निकल गए। उन्होंने कहा कि जब तक इस मामले में सरकार का सही जवाब नहीं आता तब तक मैं अपने आप को सदन में खड़े होने योग्य नहीं समझता। टीएस सिंह देव इतना बोलकर अपनी सीट छोड़ कर चले गए। टीएस सिंह देव के इस ऐलान के बाद विपक्ष पार्टी ने हंगामा किया। हंगामे को देखते हुए कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई ।

बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन हंगामा हुआ था । विपक्ष ने कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह पर हुए जानलेवा हमले का मामला उठा दिया। विपक्ष ने विधानसभा समिति से मामले की जांच कराने की मांग की। सदन में हंगामा की वजह से पहले सदन 5 मिनट फिर 3 बजे तक स्थगित कर दिया था। 3 बजे कार्रवाई शुरू होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, मैंने आपकी बात सुन ली है । कल भी विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था, जिसके बाद प्रदेश प्रभारी पी एल पुनिया को एयरपोर्ट से वापस विधानसभा आकर बृहस्पत सिंह समेत सभी नेताओं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के साथ एक-एक कर चर्चा भी की थी. जिसके बाद मामला शांत हो गया था, और यह कहा जा रहा था कि इस मुद्दे को लेकर आपस में जो भी गिले-शिकवे हैं उन्हें दूर कर लिया गया है ।

ये था पूरा मामला

पिछले दिनों विधायक बृहस्पति सिंह ने मंत्री टीएस सिंहदेव पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि महाराजा टीएस सिंहदेव उनकी हत्या कराकर मुख्यमंत्री बनना चाहते है। जिसके बाद से ये मामला सुर्खियों में है। वहीं बृहस्पति सिंह मामले में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने जो वक्तव्य दिया है, उसके बाद विपक्षी सदस्यों ने नाराजगी जताई । नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा- गृहमंत्री सोये रहते हैं, और दूसरे दिन उठकर आकर सदन में वक्तव्य देते हैं। इस विधानसभा में इससे ओछी हरकत दूसरी नहीं हो सकती कि विधायक मंत्री पर हत्या का आरोप लगा दे। गृहमंत्री के वक्तव्य पर यदि आसंदी सहमत है तो हमें कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी है ।

टीएस सिंहदेव ने कही ये बड़ी बात

मैं भी एक इंसान हूँ मेरे चरित्र के बारे में सब जानते हैं। शायद कुछ छिपा हुआ है, जिसे अब सामने लाने की कोशिश की जा रही है। मैं नहीं समझता हूँ कि मेरी स्थिति ऐसी है कि जब तक शासन की ओर से इस पर स्पष्ट जवाब ना आ जाए मैं इस पवित्र सदन में रहना उचित नहीं समझता। इसके बाद सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई ।