Breaking News

Banner

इधर लगा गंभीर आरोप, और उधर नाराज होकर इंस्पेक्टर ने दिया पद से इस्तीफा, पुलिस महकमें में हुई हलचल, कार्यवाही में भूमिका संदिग्ध, बना जांच का विषय उठ रहे अहम सवाल ।

# प्रदीप पटेल | 26 Jun, 2021

 बिलासपुर। महासमुंद पुलिस को लेकर प्रदेश भर में सवाल उठने लगे है, इसमे एसपी की भूमिका संदिग्ध बताई का रही है,जी हाँ आपको बता दे कि महासमुंद जिले के तुमगांव थाना प्रभारी शरद ताम्रकार पर जो रिश्वतखोरी के आरोप को लेकर जो बेवजह की गाज गिरी है वह काफी शर्मनाक है। दरसल सूत्रों ने बताया की तुमगांव थाना में पदस्थ ASI विजेंद्र चन्दनिहा ने एक मामले में सेटिंग करके पैसो का लेन देन किया था। जिसमे इंस्पेक्टर शरद ताम्रकार की कोई भी भूमिका नही थी, बावजूद इसके जब वीडियो वायरल हुआ तो एसपी ने रात को लगभग 11 लाइन अटैच करने का आदेश जारी कर दिया। इसमे सिर्फ ASI ही नही बल्कि थाना प्रभारी तक को बलि का बकरा बना दिया, जिससे नाराज होकर इंस्पेक्टर शरद ताम्रकार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

सूत्रों का कहना है की इस मामले में इतनी जल्दबाजी आखिर किस चीज की हुई जिसके कारण देर रात को एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने आदेश जारी कर दिया है, और दोनों को लाइन भेजने का नोटिस जारी कर दिया, आखिर शिकायत करने वाला है कौन? जिसके एक शिकायत पर इतनी बड़ी कार्यवाही हुई और देखा जाए तो बाकी मामले में पुलिस पीछे रहती है लेकिन शिकायत मिली तो तुरन्त कार्यवाही कर लाइन भेजने का आदेश जारी कर दिया।  खैर सवाल तो इसमे यह भी उठने लगा है कि थाना प्रभारी से स्पस्टीकरण तक नही मांगा नही गया। और तो और भले ही टीआई थाने का जिम्मेदार अधिकारी है लेकिन कई सारे ऐसे मामले होते है जिसमे टीआई को मालूम तक नही रहता है, बाहर ही बाहर मामला सेट हो जाता है। जिसकी भनक तक टीआई को नही रहता, जाहिर है एसपी को जो सूचना मिली और जो वीडियो वायरल हुआ उसे देखते हुए कार्यवाही हुई है। लेकिन हकीकत में देखा जाए तो एसपी को इस मामले में पहले ASI पर कार्यवाही करनी थी। और अगर जांच में इंस्पेक्टर भी दोषी पाए जाते तो निश्चित ही उनके ऊपर भी कार्यवाही करनी थी, लेकिन ऐसा कुछ नही हुआ बल्कि आनन फानन में जो आदेश जारी किया गया ।

वह निश्चित ही बहुत सवाल पैदा कर रहा है, जहां एक तरफ एसपी के आदेश के बाद जो बदनामी हुई उससे दुखित होकर इंस्पेक्टर शरद ताम्रकार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, और प्रदेश भर में पुलिस महकमे में बवाल हो गया है।  चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है, और लोग एक दूसरे से इस विषय पर चर्चा करने लगे है, थाना प्रभारी के इस्तीफे से न सिर्फ पुलिस के जवानों का मनोबल टूटने लगा है। बल्कि पुलिस के अफसर और कर्मचारी काम करने से डरने लगे है और खासकर ईमानदारी से काम करने पुलिस अधिकारी और कर्मचारी को और ज्यादा दिक्कत हो रही है। फिलहाल तो यह सवाल लोगो के जहन में उठने लगा है की आखिर ASI के साथ इंस्पेक्टर को क्यों लपेटा गया और अगर ऐसा होता रहा तो देखना की प्रदेश भर में आने वाले दिनों में इस्तीफा देने वालो की कमी नही होगी, इधर जब हमने पद से इस्तीफा देने वाले इंस्पेक्टर शरद ताम्रकार से चर्चा की तो उन्होंने बताया की इस घटना में उनकी भूमिका कही पर भी नही है और उन्हें बेवजह निलंबित किया गया है, जिससे मेरी बदनामी हुई है जिससे नाराज होकर मैंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है ।