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छत्तीसगढ़ में 30 प्रतिशत तक सस्ती होगी विदेशी शराब, इस साल कोई दुकान बंद नहीं होगी ।

# प्रदीप पटेल | 30 Mar, 2021

रायपुर। नये वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ में  विदेशी शराब के दाम 30 प्रतिशत तक कम हो सकते हैं। इसके लिये सरकार शराब पर लगने वाली कुछ ड्यूटी को कम करने वाली है। देशी शराब के दाम इससे प्रभावित नहीं होंगे। इस वर्ष शराब की कोई दुकान बंद नहीं होगी, न ही शराब दुकानों की संख्या बढ़ाई जाएगी। छत्तीसगढ़ की नई आबकारी नीति को राज्य मंत्रिपरिषद मंजूरी दे चुका है। यह नीति अगले वित्तीय वर्ष यानी एक अप्रैल से लागू हो जाएंगे। बताया जा रहा है कि एक-दो दिन में नई नीति को अधिकृत तौर पर जारी कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है, सरकार विदेशी शराब से ड्यूटी कम करने वाली है। तर्क दिया जा रहा है कि कुछ प्रदेशों में शराब सस्ती होने की वजह से तस्कर वहां की शराब लाकर छत्तीसगढ़ में खपा रहे हैं।

इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही अनियंत्रित और घटिया अवैध शराब से लोगों की जान भी खतरे में है। ऐसे में तय हुआ है कि ड्यूटी कम कर दी जाए ताकि तस्करी से मंगाई गई शराब लोगों के लिए महंगी पड़े। ऐसे में तस्करी कम हो जाएगी और सरकार का राजस्व बढ़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे थोड़ा नुकसान जरूर दिख रहा है, लेकिन शराब की खपत बढ़ जाने से राजस्व पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। इस नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शराब दुकानों को लेकर है। नई नीति में किसी भी शराब दुकान को बंद नहीं करने की बात कही गई है। पिछले वर्ष तक सरकार हर वर्ष 50 दुकानें बंद करती रही है। प्रदेश में अभी देशी-विदेशी शराब की 662 दुकानें संचालित हैं।

छत्तीसगढ़ में इन प्रदेशों से होती है शराब तस्करी

आबकारी अधिकारियों ने बताया, अभी तक तस्करी के जितने मामले पकड़े गये हैं उनमें पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और अरुणाचल प्रदेश की ही विदेशी शराब है। मध्य प्रदेश की सीमा से लगे जिलों में मध्य प्रदेश की शराब, महाराष्ट्र सीमा से लगे जिलों में महाराष्ट्र की शराब और ओडिशा सीमा से लगे महासमुंद, रायगढ़ जैसे जिलों में ओडिशा की शराब मिलती है। बस्तर के सुकमा जैसे जिलों में तेलंगाना में बनी शराब भी पकड़ी गई है, जबकि सरगुजा की तरफ झारखंड की शराब।